धारणी के तांगड़ा गांव में ‘हर घर जल’ का बंटाधार: उफनता नाला पार कर पानी भरने को मजबूर ग्रामीण, सौर पंप ठप!
युवा मेलघाट न्यूज़ | प्रतिनिधि
धारणी, दि. 26 जून 2026 : एक तरफ सरकार ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मेलघाट के धारणी तहसील के आदिवासी बहुल तांगड़ा गांव में ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। बरसात के इस मौसम में भी यहां के लोगों को पीने का पानी लाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार करना पड़ रहा है।
मौके की तस्वीर बयां कर रही दर्द: युवा मेलघाट न्यूज को जागरूक पत्रकार द्वारा मिली इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ग्रामीण नाले के इस पार अपने खाली बर्तन रखकर पानी का इंतजार कर रहे हैं। नाले के उस पार एकमात्र हैंडपंप है, जिस पर सौर पैनल लगा है। लेकिन बरसात और खराब मौसम की वजह से सौर पंप बंद पड़ा है। जिसके कारण गांव में एक बोरवेल होने के बावजूद लोग पानी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। बच्चे, महिलाएं छाते लेकर खड़े हैं और नाले का पानी उतरने की राह देख रहे हैं।

बिजली विभाग भी जिम्मेदार: ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के लिए बिजली विभाग भी उतना ही जिम्मेदार है। गांव में बिजली की आंख-मिचौली लगातार जारी रहती है। बिजली नहीं तो मोटर कैसे चलेगी और पानी कैसे आएगा? सौर पंप पर निर्भर यह व्यवस्था बरसात में पूरी तरह फेल हो गई है। ‘हर घर जल’ योजना के तहत गांव में पाइपलाइन तो बिछ गई, लेकिन नलों में पानी कब आएगा, इसका किसी के पास जवाब नहीं।
जनप्रतिनिधियों से सवाल: ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “आमदार-खासदार सिर्फ चुनाव के समय भाषण देने आते हैं। उन्हें एक बार बरसात में यहां आकर हमारी हालत देखनी चाहिए। सिर्फ भाषणों से काम नहीं चलेगा, समस्या का हल होना चाहिए।” पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना का अधिकारी यहां बंटाधार कर रहे हैं। तांगड़ा गांव के लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल इस ओर ध्यान दे। नाले पर पुलिया का निर्माण करवाया जाए, बिजली की समस्या दूर की जाए और गांव में वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी की जान खतरे में न पड़े।









