मेलघाट टॉप न्यूज़ अमरावती अपडेट राष्ट्रीय अपडेट संपादकीय धर्म और संस्कृति लाइफस्टाइल जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल विदेश खेल राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

टेम्बली ग्राम में जंगली सुअरों का आतंक: किसानो की फसलो का नुकसान, बंदोबस्त नहीं हुआ तो बडे पैमाने पर नुकसान की आशंका, भरपाई की मांग

---Advertisement---

टेम्बली ग्राम में जंगली सुअरों का आतंक: किसानो की फसलो का नुकसान, बंदोबस्त नहीं हुआ तो बडे पैमाने पर नुकसान की आशंका, भरपाई की मांग

युवा मेलघाट न्यूज | प्रतिनिधी
धारणी/टेम्बली- मेलघाट क्षेत्र के धारणी तहसील के टेम्बली गांव में जंगली सुअरों के आतंक से किसान हलाकान हो गए हैं। दिन हो या रात के अंधेरे में झुंड में आने वाले जंगली सुअर गन्ने की खड़ी फसल को चबाकर व रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं। फोटो में साफ देखा जा सकता है कि खेत में गन्ने की फसल को जंगली सुअरो द्वारा नुकसान पहुचाया जा रहा है। पीड़ित किसानो का कहना है कि दिनभर की मेहनत और रातभर की रखवाली के बाद भी फसल को बचाया नहीं जा सकाता। जंगली सुअर गन्ने को खाकर और बाकी को पैरों से कुचलकर चले जाते हैं। इससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खाद, बीज और मजदूरी में लगा पैसा भी डूबता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से जंगली जानवरों का उपद्रव बढ़ गया है। लेकिन वन विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। किसानों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते बंदोबस्त नहीं किया गया तो, जंगली सुअरो की संख्या बढ सकती है, जिससे आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र की मक्का, धान, सोयाबीन, तुवर इत्यादी फसलों का भारी नुकसान हो सकता है।

जंगली सुअरों द्वारा उत्पात: टेंबली ग्राम स्थित पिडीत किसान का गन्ना खेत

किसानों ने जिला प्रशासन, तहसीलदार और वन विभाग से मांग की है कि उनके खेतों की सुरक्षा के लिए तुरंत उचित व्यवस्था के कदम उठाये जाए और नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जंगली सुअरों को गांव से दूर रखने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बतादे की पहले ही किसान फसलों का उत्पादन गिरने व उचित भाव (msp) ना मिलने से कर्जबाजारी के साथ आसमानी एवं सुलतानी मार से परेशान हो रहे है , उपर से जंगली सुअरो द्वारा फसलों को नुकसान पहुचाया जा रहा है। इससे किसान वर्ग परेशान व चिंतित हैं, ऐसे में वनविभाग व प्रशासन ने इस और ध्यान देना चाहिए, जिससे किसानों को राहत मिल सके।

---Advertisement---
---Advertisement---

दीपक मालवीया ‘दीपश्री’

शब्दों को हथियार नहीं, पुल बनाता हूं - जो जीवन, समाज और मेलघाट जैसी धरती की मानवीय संवेदनाओं को आपस में जोड़ें। मेरी कोशिश है कि हर रचना तथ्य की जमीन पर खड़ी हो और भावना की हवा से छुए। सरल भाषा में लिखता हूं, ताकि बात सीधे दिल तक जाए। Mobile No. +91 7875842661

Join WhatsApp

Join Now

Join Youtube

Join Now

और पढ़ें

खरीप हंगाम २०२६ मध्ये २६५ तालुक्यांमध्ये दुष्काळ जाहीर, धारणी आणि चिखलदरा तालुक्याचा समावेश, १२ उपाययोजनांना मंजुरी

१८०५ सालापासूनची परंपरा जपत थिलोरीत गणेशोत्सवाचा भक्तिमय सोहळा,श्री मारोती संस्थानचा नवसाला पावणारा गणपती; तिसऱ्या पिढीकडूनही पारंपरिक विसर्जनाची सेवा

विमुक्त जाती-भटक्या जमातींसाठी २७ सप्टेंबरला धारणीत विशेष प्रमाणपत्र अभियान

पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर कर्जमुक्ती योजनेच्या लाभासाठी प्रलंबित ई-केवायसी तात्काळ पूर्ण करा जिल्हाधिकाऱ्यांचे निर्देश : दहा दिवसांत 60 टक्के शेतकऱ्यांना पीक कर्ज वाटप करावे

सेमाडोह येथे 27 सप्टेंबरला मोफत सर्वरोग निदान व उपचार शिबिर, सर्व शस्त्रक्रिया मोफत होणार

भोंडिलावा येथे प्रलंबित वनहक्क दावे तातडीने मंजूर करा; अन्यथा जनआंदोलनाचा इशारा

Leave a Comment