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मानसून की रफ्तार धीमी: 15 जून तक तेज बारिश नहीं; किसान पेरणी में न करें जल्दबाजी

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18 जून के बाद सक्रिय होगा मानसून | कोकण-घाटमाथा में जून अंत तक जोरदार बारिश का अनुमान

युवा मेलघाट न्यूज़ नेटवर्क
अमरावती/मेलघाट 9 जून 2026:  मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 18 जून तक भारी बारिश या मानसून की झमाझम बरसात की संभावना बहुत कम है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान केवल छिटपुट या हल्की बूंदाबांदी (Pre-monsoon showers) हो सकती है, लेकिन मुख्य रूप से मौसम गर्म और आंशिक रूप से बादलों वाला बना रहेगा।

18 जून तक के मौसम का मुख्य अनुमान इस प्रकार है: बारिश की स्थिति (12 से 18 जून): भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जून के इस पहले चरण में विदर्भ और अमरावती संभाग में मानसून की भारी बारिश के आसार नहीं हैं। 12 जून, 15 जून और 16 जून के आसपास गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की 15% से 25% संभावना है, जिससे कुछ समय के लिए उमस बढ़ सकती है।

तापमान और गर्मी: 18 जून तक दिन का अधिकतम तापमान 35°C से 39°C और न्यूनतम तापमान 27°C से 30°C के बीच रहेगा। दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी का असर बरकरार रहेगा।

भारी बारिश कब होगी?: किसानों और निवासियों के लिए अच्छी और मुसड़धार बारिश का दूसरा चरण 19 जून से 25 जून के बीच शुरू होने की उम्मीद है, जो बुआई (Sowing) के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जा रहा है।

बुआई कब शुरू करें? : 100 मिमी बारिश का नियम: जब तक आपके क्षेत्र में लगातार कम से कम 75 से 100 मिमी (लगभग 3 से 4 इंच) अच्छी बारिश न हो जाए और जमीन में कम से कम 7 इंच तक अच्छी नमी (ओल) न बैठ जाए, तब तक बुआई शुरू न करें.
दुबारा बुआई का खतरा : यदि 15 जून से पहले हल्की बौछार के बाद आपने बुआई कर दी, तो कड़क धूप और उमस के कारण बीज मिट्टी में ही सूख जाएंगे. इससे फसल खराब होने और दुबार पेरणी (Double Sowing) का भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ सकता है.
सही समय : मौसम विभाग के अनुसार 17-18 जून के बाद जब मानसून पूरी तरह सक्रिय होगा, तभी बुआई करना सबसे सुरक्षित रहेगा.

महाराष्ट्र में मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन उसकी आगे की चाल सुस्त पड़ी है। मौसम विभाग के मुताबिक 15 जून तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का जोर सीमित रहेगा। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खरीप की बुवाई के लिए जल्दबाजी न करने की सलाह दी है।

कहां-कहां होगी बारिश? 
विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लेकिन ये बारिश न तो सभी जगह होगी और न ही लगातार चलेगी। इसलिए खरीप की बड़े पैमाने पर बुवाई के लिए यह नाकाफी है।

18 जून के बाद बदलेगा मौसम 
विभाग का अनुमान है कि 18 जून के बाद मानसून के लिए अनुकूल स्थितियां बनेंगी। इसके बाद राज्य के कई इलाकों में बारिश बढ़ेगी। खासकर कोकण तट और घाटमाथा क्षेत्र में जून के आखिरी हफ्ते में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हो सकती है।

किसानों के लिए सलाह 
1.  स्थानीय मौसम का अनुमान देखते रहें।
2.  खेत में पर्याप्त नमी हुए बिना बुवाई न करें। कच्ची बुवाई में बीज खराब होने का खतरा है।
3.  18 जून के बाद मौसम खुलने पर ही पेरणी की योजना बनाएं।

पढते रहीये युवा मेलघाट — अपने मिट्टी मे होने वाली हर हलचल की विश्वसनीय आवाज़!

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दीपक मालवीया ‘दीपश्री’

शब्दों को हथियार नहीं, पुल बनाता हूं - जो जीवन, समाज और मेलघाट जैसी धरती की मानवीय संवेदनाओं को आपस में जोड़ें। मेरी कोशिश है कि हर रचना तथ्य की जमीन पर खड़ी हो और भावना की हवा से छुए। सरल भाषा में लिखता हूं, ताकि बात सीधे दिल तक जाए। Mobile No. +91 7875842661

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