राष्ट्रीय आरोग्य अभियान (NHM) में भारी अनियमितता और मनमानी पर सांसद बळवंत वानखडे ने अमरावती जिला आरोग्य यंत्रणा को जमकर फटकार लगाई। अमरावती में हुई समीक्षा बैठक में सांसद ने अधिकारियों की कार्यपद्धती पर गंभीर सवाल उठाए।
- निधी का हिसाब नहीं: सांसद वानखडे ने पूछा कि NHM से अमरावती को हर साल कितना निधी मिलता है और कंत्राटी कर्मचारियों के वेतन पर कितना खर्च होता है। मासिक प्रगती रिपोर्ट आज तक क्यों नहीं दी गई? “अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, ये गंभीर है,” वानखडे गरजे।
- DPM पद सालों से खाली: जिल्हा कार्यक्रम व्यवस्थापक (DPM) का महत्वपूर्ण पद कब से रिक्त है? भरती के लिए विज्ञापन निकला तो कितने अर्ज आए? किस आधार पर उम्मीदवार अपात्र किए? इसका खुलासा देने के निर्देश दिए।
- मेलघाट में डिझेल घोटाला: मेलघाट के प्राथमिक आरोग्य केंद्रों के जनरेटर-डिझेल बिल में अफरातफरी का आरोप। दोषियों पर कार्रवाई हुई या नहीं, सांसद ने जवाब मांगा।
- धारणी अस्पताल का काम ठप्प: धारणी के 20 बेड उपजिल्हा रुग्णालय का काम 2024-25 में मंजूर होकर भी अधूरा क्यों? भूमिपूजन लोकप्रतिनिधियों को बिना बताए क्यों किए जा रहे? “क्या हमें डावलने के आदेश हैं?” वानखडे ने सवाल दागा।
- उपकेंद्र बांधकाम रखडले: 15वें वित्त आयोग से 44 उपकेंद्र मंजूर। सिर्फ 12 पूरे, 23 का काम शुरू, 9 को तो हाथ भी नहीं लगाया। हरीसाल उपकेंद्र की जगह का पेंच क्या है? अंजनगाव सुर्जी का 50 बेड अस्पताल निधी होते हुए भी अधूरा क्यों?
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. दीपक पवार, जिल्हा आरोग्य अधिकारी डॉ. प्रवीण पारिसे सहित सभी अधिकारी मौजूद थे।
सांसद की चेतावनी: “आरोग्य विभाग की मनमानी अब नहीं चलेगी। अमरावती लोकसभा का एक-एक काम पारदर्शी होगा। लोकप्रतिनिधियों को विश्वास में लेना ही पड़ेगा,” बळवंत वानखडे ने दो टूक कहा।
❌ निधी का हिसाब नहीं
❌ DPM पद सालों से खाली
❌ मेलघाट में डिझेल घोटाला
❌ धारणी अस्पताल का काम ठप्प
❌ भूमिपूजन में लोकप्रतिनिधि गायब












