गुरु के प्रति कृतज्ञता का पर्व: गुरु पूर्णिमा.
युवा मेलघाट न्यूज़| टिम ब्यूरो धारणी दि.29 जूलाई 2026| आषाढ़ माह की पूर्णिमा को देशभर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन ज्ञान, मार्गदर्शन और संस्कार देने वाले गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है. मान्यता है कि आज ही के दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का संकलन कर मानवता को ज्ञान का अमूल्य खजाना दिया. इसी कारण इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है.
गुरु का स्थान समाज में सर्वोपरि माना गया है. माता-पिता से लेकर शिक्षक और जीवन में मार्ग दिखाने वाले हर व्यक्ति को गुरु का दर्जा प्राप्त है. संत कबीर ने भी कहा है कि गुरु गोविंद से भी महान है. क्योंकि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताता है. आधुनिक समय में जब युवा भटकाव और भ्रम की स्थिति में हैं, ऐसे में गुरु का मार्गदर्शन और भी महत्वपूर्ण हो गया है.
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर धारणी मे विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किये गये| देखिये युवा मेलघाट न्यूज YouTube पर
गुरू शिष्य की पावन परंपरा, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर, धारणी शहर सहीत पूरे धारणी तालुका में भंडारा व महाप्रसाद वितरण का कार्यक्रम श्री भक्तों द्वारा रखा गया.
मां दुर्गा मंदिर समिति धारणी, श्री दादाजी सेवा समिति धारणी, श्री भक्तों को सेवा की पंरपरा बरसों से कर रहीं हैं. महाराष्ट्र- मध्य प्रदेश के सीमा से लगा, धारणी शहर से खंडवा जिल्हे मे दादाजी धूनिवाले धाम मे, गुरू पूर्णिमा उत्सव पर हजारों भक्त बाबा के दर्शन हेतू पैदल जाते हे. श्री भक्तों की सेवा करने, एवं पूण्य कमाने हेतु बाबा के भक्त शहर में जगह-जगह भंडारा लगाकर, महाप्रसाद का वाटप करते है. धारणी में मां दुर्गा मंदिर समिती के भक्तो ने, भंडारा का आयोजन होली चौक धारणी स्थित मंदिर के सामने रखा. वही रसिक पेट्रोल पंप के सामने श्री दादाजी सेवा समिति द्वारा भव्य भंडारा महाप्रसाद वितरण किया गया.
दादाजी धाम खंडवा जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की यह परंपरा बरसो से निरंतर जारी है. इस अवसर पर धारणी शहर सहीत तालुका मे श्री भक्तों द्वारा महाप्रसाद का वाटप किया व भक्ति रस का आनन्द उठाया.








