मेलघाट मे एक बार फिर… प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही ने… एक मासूम की जान ली.
युवा मेलघाट न्यूज | टिम ब्युरो
चिखलदरा- जुलाई का आखरी सप्ताह मेलघाट के बच्चो के लिए दुखद रहा है. अभी मेलघाट की चार शासकिय आश्रमशाला की लापरवाही से, सेन्ट्रल किचन द्वारा भेजें गये खराब भोजन से, सौ से उपर बच्चों को विषबाधा की घटना से मेलघाटवाशी उभर भी नहीं पाये थे, वहीं प्रशासन ओर ठेकेदार की लापरवाही का एक और मामला सामने आ गया.
जीसमे एक बेगुनाह मासुम को अपनी जान गवानी पडी. जिसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हे. सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार, चिखलदरा तालुका के कोरडा गांव में पाणीपुरवठा योजना के लिए खोदे गए खुले गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था. खेलते समय 3 वर्षीय कुमारी नायरा संजू भुसुम उसी गड्ढे में गिर गई, और उसकी डूबकर दर्दनाक मौत हो गई.
ग्रामवासियों के अनुसार जलपुरवठा योजना के तहत महीनों पहले जगह-जगह गड्ढे खोदे गए थे. लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभाग ने काम अधूरा छोड़कर गड्ढों को खुला ही छोड़ दिया. सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए. पिछले कई दिनों की मूसलाधार बारिश में यही गड्ढे मौत का कुआं बन गए.
इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है, और प्रशासन ओर ठेकेदार के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा है.
घटना की जानकारी मिलते ही, भाजपा मेलघाट जिला अमरावती ग्रामीण के जिल्हाध्यक्ष तथा माजी आमदार मा. प्रभुदासजी भिलावेकर घटनास्थल पर पहुंचे.
उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वन दिया. इस दौरान प्रभुदासजी भिलावेकर ने कहा की “यह घटना बेहद दुखद है. और प्रशासन , ठेकेदार की घोर लापरवाही का परिणाम है. इस घटना के लिए जो भी दोषी हैं, ठेकेदार, ग्रामसेवक और संबंधित अधिकारी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव आर्थिक मदद दिलाने के लिए हम हर स्तर पर प्रयास करेंगे.”




ग्रामीणों ने भी मांग की है… कि दोषी ठेकेदार का परवाना रद्द किया जाए…और लापरवाह अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर… उन्हें बर्खास्त किया जाए. लोगों का कहना है.”पहले विषबाधा , रस्ते, अब पानी योजना हर जगह लापरवाही ओर भ्रष्टाचार के कारण गरीब की जान जा रही है. क्या गरीब की जान की कोई कीमत नहीं?”
फिलहाल चिखलदरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया है. और आगे की जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मेलघाट में एक ही सवाल गूंज रहा है… “कब जागेगा प्रशासन?” क्या कारवाई होकर गरीब को न्याय मिलेगा?
ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओ की मांग है, कि जलपुरवठा योजना के सभी अधूरे काम तुरंत बंद कर सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी कोई और मासूम की जान न जाए.
युवा मेलघाट न्यूज़… खबर पर नजर बनाए हुए है.







