आदिवासी विकास मंत्री डॉ.अशोक उईके का 15 पॉइंट मेगा प्लान | आढवा बैठक
धारणी दि. 18 मई, 2026 | मेलघाट की राजधानी धारणी मे आदिवासी विकास मंत्री डॉ.अशोक उईके ने समीक्षा बैठक लेकर चिखलदरा-धारणी के विकास की रफ्तार बढ़ाने के 15 बड़े निर्देश दिए। दत्तक तहसील होने के नाते मेलघाट पर सरकार का स्पेशल फोकस है।
मंत्रीजी डॉ.अशोक उईके के 10 बड़े निर्देश – मेलघाट की तस्वीर बदलेगी :
- कुपोषण-सिकलसेल मुक्त मेलघाट: बरसात से पहले एक्शन प्लान। PHC में डॉक्टरों के खाली पद भरेंगे।
- किसानों को 4 लाख की सौगात। बिरसा मुंडा योजना में अब कुएं के साथ सोलर पंप, पाइपलाइन, स्प्रिंकलर आदी की व्यवस्था
- बिजली समस्या का समाधान: खारी आश्रमशाला और तारूबांदा गांव में तुरंत नए DP-पोल लगाने एवं हर आदिवासी हॉस्टल को अलग DP लगाने के निर्देश।
- 15 जून तक शुद्ध पानी: सभी आदिवासी आश्रमशालाओं में सुध्द पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश।
- हर गांव में श्मशान भूमि: पक्के रास्ते के साथ श्मशानभूमि बनाने के निर्देश।
- पारदर्शिता बढ़ेगी: सभी योजनाओं की जानकारी, कागज लिस्ट, लाभार्थी नाम नोटिस बोर्ड पर लगाने के निर्देश।
- रायपूर स्कूल का रास्ता: स्कूल शुरू होने से पहले प्रशासकीय मान्यता देकर रास्ता मंजूर करने के निर्देश।
- अफसरों को सख्त संदेश: “विभाग की अनुमति बिना कोई फाइल नहीं हिलेगी” – मंत्री जी की दो टूक।
- भ्रष्टाचार पर वार: योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- प्रशासन में समन्वय: सभी विभाग मिलकर काम करेंगे, विभागों में आपसी तालमेल बैठाये, ताकि जनता के काम न रुकें।
Yuva Melghat की ग्राउंड रिपोर्ट: बैठक में बिजली विभाग की लापरवाही, वन विभाग के नियम, भेड़-बकरी योजना में 75% अनुदान और नेट कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर भी मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए। पर्यटक स्थल में श्रद्धालुओं को हो रही अव्यवस्था ओर मेलघाट की जनता को हो रही पाणी, बिजली, रस्ते सहीत विविध तकलीफों की ओर आमदार केवलरामजी काळे ने मंत्रीजी का ध्यानाकर्षण कराया। समीक्षा बैठक में मेलघाट के लोकप्रिय आमदार मा.केवलराम काळे, मेलघाट जिल्हाध्यक्ष प्रभुदास भिलावेकर, नगराध्यक्ष सुनिल चौथमल, आदिवासी विभाग अपर आयुक्त आयुषी सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी, उपविभागीय अधिकारी तथा प्रकल्प अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, आरोग्य उपसंचालक तसंगतुषार वारे, रमेश मावस्कर सहित सभी बड़े अधिकारी मौजूद थे। मंत्री जी का आदिवासी ‘गदली सुसुन’ नृत्य से स्वागत हुआ। सुबह उन्होंने तारूबांदा के कांद्रीबाबा हनुमान मंदिर में दर्शन भी करे। पर्यटक स्थल की कमीया उन्होंने स्वयं महसूस कर उसे दुर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।













